वक़्त

वक़्त का इरादा है क्या,
ये तो मालूम नहीं|
मालूम तो है बस इतना कि,
ये वक़्त जो वक़्त है मेरा नहीं|
पर ये वक़्त मेरा कभी न हो सकेगा,
ये तो शायद खुद वक़्त भी न कह सकेगा|
जो ज़रा देर हुई तो ना घबराइयेगा,
सबका वक़्त आने में ज़रा वक़्त लगता है|
-स्नेहा प्रकाश

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