The sky 💙

Neither the stars had any idea   Nor the moon could make any guess   Why in this world of billion people   She always chooses the sky to confess ©   -©SNEHA PRAKASH

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ज़िंदगी

बस कहती है, ना सुनती है, यह हर एहसास बयान कर देती है। ज़िंदगी यूं ही चलते चलते, कुछ पल रुक मेरा इम्तिहान लेती है। - स्नेहा प्रकाश

वक़्त

वक़्त का इरादा है क्या, ये तो मालूम नहीं| मालूम तो है बस इतना कि, ये वक़्त जो वक़्त है मेरा नहीं| पर ये वक़्त मेरा कभी न हो सकेगा, ये तो शायद खुद वक़्त भी न कह सकेगा| जो ज़रा देर हुई तो ना घबराइयेगा, सबका वक़्त आने में ज़रा वक़्त लगता है| -स्नेहा … Continue reading वक़्त